रिसर्च मेथडोलॉजी (RESEARCH METHODOLOGY)” पुस्तक का विमोचन — डॉ. वीणा सिंह और श्री सचिन शर्मा की नई कृति
प्रधानमंत्री एक्सीलेंस, राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मंदसौर के अंग्रेजी विभाग की उपलब्धि
मंदसौर, शिक्षा जगत में शोध के क्षेत्र को नई दिशा देने वाली पुस्तक “रिसर्च मेथडोलॉजी” का विमोचन आज प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, मंदसौर के प्राचार्य प्रो. जे. एस. दुबे द्वारा किया गया। इस पुस्तक के लेखक डॉ. वीणा सिंह (सहायक प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष, अंग्रेज़ी विभाग, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मंदसौर) और श्री सचिन शर्मा (सहायक प्राध्यापक, अंग्रेज़ी विभाग) हैं । यह पुस्तक बी.ए. चतुर्थ वर्ष (B.A. IV Year) के विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य (Compulsory) पेपर के रूप में तैयार की गई है। नई शिक्षा नीति (NEP) के अंतर्गत पाठ्यक्रम में किए गए परिवर्तनों के परिप्रेक्ष्य में यह पुस्तक विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रासंगिक सिद्ध होगी। साथ ही यह पुस्तक यूजीसी-नेट (UGC-NET) तथा एम.पी. सेट (MP SET) परीक्षाओं के प्रथम प्रश्नपत्र (शोध पद्धति आधारित पेपर) के लिए भी अत्यंत सहायक है। प्राचार्य प्रो. जे. एस. दुबे ने कहा कि यह पुस्तक विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी तथा उच्च शिक्षा में अध्ययन की गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाएगी। उन्होंने दोनों लेखकों को इस उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान के लिए बधाई दी। पुस्तक में पाँच प्रमुख इकाइयाँ सम्मिलित हैं —1. अनुसंधान पद्धति का परिचय 2. अनुसंधान समस्या की पहचान और स्वरूप निर्धारण 3. साहित्य समीक्षा 4. अनुसंधान रूपरेखा (भाग-1) एवं सैम्पलिंग रूपरेखा (भाग-2) 5. परिकल्पना का परीक्षण एवं आँकड़ों का विश्लेषण
इसके अतिरिक्त पुस्तक में शब्दावली (Glossary) तथा संदर्भ और ग्रंथसूची (References and Bibliography) भी दी गई हैं, जो शोध प्रक्रिया की संपूर्ण समझ प्रदान करती हैं। डॉ. वीणा सिंह ने कहा कि इस पुस्तक के माध्यम से विद्यार्थियों को अनुसंधान की बुनियादी अवधारणाएँ सरल उदाहरणों से समझाने का प्रयास किया गया है। वहीं श्री सचिन शर्मा ने बताया कि यह पुस्तक नई शिक्षा नीति के अनुरूप शोध आधारित अध्ययन को सशक्त बनाएगी और NET तथा MP SET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उपयोगी सिद्ध होगी।इस अवसर पर कॉलेज के अन्य संकाय सदस्य (स्टाफ) भी उपस्थित रहे, जिन्होंने लेखकों को इस शैक्षणिक उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं।यह पुस्तक मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी, भोपाल द्वारा प्रकाशित की गई है और यह देशभर के प्रमुख पुस्तक विक्रेताओं एवं ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स पर उपलब्ध है
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