तेलिया तालाब सीमांकन में अनियमितता का गंभीर मामला, NGT आदेशों की अनदेखी पर नागरिकों की आपत्ति

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मध्य भारत मीडिया

मंदसौर शहर की जीवनरेखा माने जाने वाले तेलिया तालाब को बचाने की लड़ाई एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। नागरिकों ने जिला प्रशासन को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) के आदेशों की अवहेलना करते हुए राजस्व विभाग और टीएनसी विभाग की मिलीभगत से तालाब की नपती (सीमांकन) में भारी हेरफेर की गई है। न केवल नपती का नक्शा बदला गया, बल्कि फील्ड बुक में भी बदलाव कर तालाब के वास्तविक स्वरूप और क्षेत्रफल से छेड़छाड़ की गई है।

 

नागरिकों ने बताया कि NGT के आदेश दिनांक 19 अप्रैल 2024 (OA क्रमांक 70/2022, अभय अकोलकर विरुद्ध मप्र शासन) के पालन में जिला प्रशासन द्वारा गठित 28 सदस्यीय दल ने 27 फरवरी से 2 मार्च 2024 तक तालाब का सीमांकन किया था। इस सीमांकन की रिपोर्ट तथा फील्ड बुक तहसील कार्यालय से कलेक्टर और उसके बाद NGT न्यायालय में प्रस्तुत की गई थी।

 

लेकिन अब यह सामने आया है कि जिस मूल नक्शे के आधार पर सीमांकन होना था, उसे दरकिनार कर गलत नक्शे से नपती की गई। इससे तालाब के वास्तविक क्षेत्रफल में परिवर्तन आ गया और उसका अस्तित्व खतरे में पड़ गया। यह तथ्य दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।

 

नागरिकों ने यह भी बताया कि हाल ही में जारी मंदसौर विकास योजना 2041 में शामिल तेलिया तालाब का नक्शा, तथा कलेक्टर द्वारा NGT में प्रस्तुत नक्शा और फील्ड बुक—तीनों में भारी विरोधाभास पाया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि न्यायालय को गुमराह करने का प्रयास किया गया है।

 

गौरतलब है कि वर्ष 2011 में जल संसाधन विभाग (WRD) ने पत्र क्रमांक 1599 के माध्यम से तेलिया तालाब का हस्तांतरण नगर पालिका मंदसौर को किया था। उस समय तालाब के डूब क्षेत्र के सभी सर्वे नंबरों की सूची भी प्रदान की गई थी। इसी आधार पर नगर पालिका ने तहसील कार्यालय में पुनः नपती करवाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया है, ताकि तालाब का वास्तविक सीमांकन—निजी भूमि 94.610 हेक्टेयर एवं शासकीय भूमि सर्वे नं. 19 रकबा 32.270 हेक्टेयर—संरक्षित रह सके। किंतु आज दिनांक तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है।

 

नागरिकों की मांग

 

गलत फील्ड बुक और नक्शे को निरस्त किया जाए

 

नए सिरे से निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से तेलिया तालाब का सीमांकन कराया जाए

 

तालाब के वास्तविक जलक्षेत्र और उसके डूब क्षेत्र को संरक्षित कर भविष्य के लिए सुरक्षित रखा जाए

 

आवेदन सौंपने वाले प्रमुख नागरिक

 

राधेश्याम कुमावत (अध्यक्ष, कुमावत समाज), मोहनलाल कुमावत, मुकेश काला (भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य), मनोज भाचावत, डॉ. डी.के. शर्मा, डॉ. आलोक मेहता, विरेन्द्र जैन, सीए मयंक जैन, राजेश संचेती, कोमल बाफना, डॉ. संतोष राठौर सहित बड़ी संख्या में शहर के प्रतिष्ठित लोग मौजूद रहे।

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